हज़ार वजहें हैं खुश रहने की… फिर भी न जाने क्यों उदास रहते हैं।
जिसको आबाद करते करते मेरे मां-बाप की जिंदगी लग गई…!
तुझे क्या मिलेगा तू ही बता, मुझे उलझनों में डालकर…!
दिल बेचैन है… और आँखें भीग सी रहती हैं।
दरख़्त-ए-नीम हु मै मेरे नाम से घबराहट हो गई,
हर कोई उसे नज़रअंदाज़ कर के ही चला जाता है…
जिसे छोड़ देते हैं… उसी को सबसे ज़्यादा याद करता है।
ਨਹੀਂ ਤਾਂ ਸਾਨੂੰ ਮਰਨ ਲਈ ਵੀ ਕਾਰਨ ਘੱਟ ਨਹੀਂ।
मोहब्बत मार डालेगी अभी तुम फूल जैसे हो…!
सुना है गैरो ने पैरो तले रक्खा है तुम्हे…!
मुझे इसलिए बनाया उस भगवान ने, क्योंकि वो देखना चाहते थे, इंसान किस हद तक Sad Shayari in Hindi दर्द सह सकता है…!
फिर सोचा मैंने उन्हें तड़पाके दर्द मुझको ही होगा,
जिसे दिल से चाहा उसी ने दर्द बढ़ा जाता है।
कभी–कभी अपने ही सवालों में इतना उलझ जाता हूँ,